Tuesday, July 30, 2019

हैप्पी फ्रेंड शिप डे क्या होता हैं जाने इन दो लाइनों में

हेल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सब लोग मै हूं आपका दोस्त दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहेब ! उम्मीद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे , दोस्तों आने वाला हैं फ्रेंड शिप डे 2019 ये मौका मिला है अगस्त के पहले सन्डे को ही , क्या हम दोस्तों के बिना रह सकते है , नहीं नहीं कभी नहीं रह सकते , दोस्तों के बिना तो  कभी नहीं रह सकते , कियू की दोस्ती का रिश्ता भले ही खून का नहीं होता , पर जो मुसीबत के समय साथ दे वो दोस्त ही होता हैं जो हमारा साथ देता हैं , दोस्ती का रिश्ता तो खून से भी बढ़कर होता है,
आज की इस दुनिया मै दोस्त से बढ़कर ओर कोई नहीं लगता !
जरा सोचिए अगर लाइफ मै दोस्त ना हो तो क्या होगा, जैसे आत्मा इधर उधर भटकती हो ऐसी हो जाती हैं, जिस तरह  खाने के  के बिना नहीं रह सकते , उसी तरह दोस्तों के बिना भी हम नहीं रह सकते है, 


दोस्तो ये फ्रेंड शिप डे कियू मनाते हैं??
दोस्तों ये फ्रेंड शिप डे की सुरूआत होती हैं साल 1919 में हॉलमार्क कार्ड के सस्थापक जोस होल के सुझाव से हुई थी, के जिसको हम करीब करीब  दुनिया के सारे देश में मनाते हैं
 अब बात आती हैं की इसको हम हर साल अगस्त के पहले ही सन्डे को ही कियू मनाते है ,
1935 मै युनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस ने इसको अगस्त के फर्स्ट सन्डे को ही मनाने को घोसित क्या गया था ! इसको पहली बार अमेरिका मै मनाया गया था



क्या दोस्त होना जरूरी है???
जरा सोचिए अगर आपकी जिंदगी में कोई दोस्त नहीं होगा , तो आप  क्या करेंगे , जिंदगी कितनी बोरिंग लगेगी ना , 
चलो दोस्तों मै मेरी खुद की रियल स्टोरी बताता हूं , दोस्त भले ही कमिने हो पर दोस्त के छोड़ कर चले जाने पर तो बहुत दुख होता है , 
दोस्तो ये कहानी हैं सोनू रावत की जो एक शॉप पर काम करता हैं, ओर उसके बहुत सारे दोस्त बन जाते है , पर उसके गांव वाला उस शॉप पर कोई नहीं काम करता पर फिर भी सोनू की सबसे अच्छी दोस्ती हो गई थी !
पर क्या कोई ना कोई तो खराब निकल ही जाता हैं, उसी शॉप पर एक लड़का नाम था राजू  भी काम करता था , पर उस उस राजू से सोनू की बिल्कुल भी नहीं बनती   थी, हमेशा  दोनों मै झगड़ा होता था पर कभी ये नहीं हुआ कि झगड़ा करने के बाद सोनू या राजू बोले ना हो , दोनों झगड़ा  करते भी थें , पर वापस बोल भी जाते थे ! 
पर एक दिन ऐसा आ गया कि राजू नौकरी छोड़कर जा रहा था , ओर सोनू से बोला अच्छा सोनू अब मैं चलता हूं , सोनू की आंखो में आंसु आने लग गए , कुछ बोल तो नहीं पाया पर मन ही मन में सोनू को रोना आ रहा था , 
ओर राजू सोनू से हाथ मिलाया मिलाकर चला जाता हैं , पर सोनू की नजर उसपे की उसपे टिकी रह जाती हैं , ओर मन ही मन में बहुत पछतावा भी हो रहा था, की दोस्त चाहे कैसा भी था पर बंधा एक धम मस्त था , ये बात सोनू नहीं सोनू का दिल कह रहा था, कियू की दोस्त ने कुछ कहा होगा तो दोस्त से कुछ गलती हुई होंगी तभी कुछ कहा होगा वरना बेवजह कोई कुछ नहीं कहता,
दोस्तों मैं तो आपको इस ब्लॉग मै यहीं कहूंगा कि अगर सामने वाला बंदा हमें गाली दे रहा हैं या डाट रहा हैं , तो बुरा नहीं माने कियू की , कुछ कह रहा है तो उसमे हमारी कही ना कही कमी है , ओर उस कमी में सुधार लाने की कोशिश करनी चाहिए , ना कि सामने वाले से झगड़ा ! 
दोस्तों अगर आपको मेरा ब्लॉग पसंद आया हो तो कॉमेंट में लाइक जरुर लिखना !
ओर अगर आपका कोई भी इस ब्लॉग के  के बारे में सवाल हो तो भी आप कॉमेंट जरूर करना ! हम आपके सवाल का जवाब जरूर रिप्लाई करेंगे !
 तो फ्रेंड्स अज के ब्लॉग में इतना ही मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग में जब तक के लिए
""""जय हिन्द वन्दे मातरम्""""""


       

Monday, July 29, 2019

ढ़ाकन होती हैं, या नहीं जाने पूरा सच इन दो लाइनो में !!

ढ़ाकन होती हैं या नहीं ? क्या सच में होती हैं ? अगर सच में होती हैं ? तो कैसी होती हैं  इसी ब्लॉग में वो सारी बातें करेंगे जो आपके दिमाग में अब भी चल रहीं हैं !

 क्या ढ़ाकन होती हैं ???? 


दोस्तों मैं आपको जो भी इस ब्लॉग मै बताऊंगा वो बिल्कुल ही सच बताऊंगा जो भी मैंने देखा है वो ही बताऊंगा ! और मै यहां पर किसी भी तरह का भूत भ्रेम या किसी ढ़ाकन या चूड़ेल के  अंधविश्वास को बढावा नहीं देता और ना ही में इन सब को मानता हूं ! बस जो मैंने देखा हैं ,  वो ही बताऊंगा , चलो दोस्तों में आपको एक कहानी के जरिए सब कुछ समझाता हूं , एक गांव मै  एक विकास नाम का लड़का रहता था उसकी नई नई शादी  हुई होती हैं ,और करीबन तीन महीने ही हुए थै,  विकास कि शादी सुधा जिंदगी अच्छे से चल रहीं होती हैं, पर एक दिन विकास के गांव में दोस्त की शादी होती हैं और दोस्त उसको इन्वाइट करता है ! 

 ओर विकास दोस्त की शादी को अंटेंड करने जाता हैं, साथ में उसकी वाइफ को भी लेके जाता हैं , ओर वहां पर डांस  करते हैं , साथ में विकास की वाइफ भी डांस करती है, ओर वहां पर डांस करते करते किसी की नजर लग जाती है !

 नजर लग जाना मतलब ढ़ाकन ! अब वहां पर तो सब कुछ ठीक ठाक था पर जैसे ही विकास घर पर आता हैं तो कुछ ही देर के बाद में देखता है कि , विकास की बहू को भाव आने लग जाता हैं , अब विकास इसके बारे में कुछ जानता भी नहीं , ओर विकास अपनी मां को बुलाता है , ये बात होती है,, रात की एक बजे को अब विकास की मां आती हैं ओर देखती हैं की बहू को को तो भाव आ रहा हैं ?? अब विकास की मां जल्दी से भगवान को अगरबती करती हैं !

ओर विकास तो खड़े खड़े रोता हैं , कीयूकि विकास तो  इन सब के बारे मै कुछ भी नहीं जानता था, तो विकास को तो कुछ समझ मै ही नहीं आ रहा था , की ये क्या हो रहा हैं, ओर विकास की बहू को तो किसी की नजर लग चुकी थी,अब विकास की बहू तो सिर्फ रो रहीं थीं!!   बोलती भी नहीं ,, कि ये समस्या हैं, बस रो ही रहीं थीं , ओर अब विकास की मा ने अगरबती वगेरा लगाया और एक बार तो विकास की बहू का रोना बंद हो चुका था , ओर सो गई थीं !

फिर सुबह हुआ ओर वो का वो हाल हो गया अब , मां ने गांव मै से किसी माताजी को ( मतलब जिसको भाव आता हो)  बुलाया और फिर माताजी को खेलाया गया तो माताजी ने बोला कि बकरा मारना पड़ेगा , तब जाके ढ़ाकन इसके शरीर से बाहर निकलेगी !

 ओर फिर बाद में माताजी ने कहा कि, जिस भी माताजी की इसके हाथ मै डोरा बंदा हुआ हैं ,, इसको वहां पर लेके जाओ शायद इसकी माताजी रक्षा कर सकती हैं,, ओर फिर विकास की पत्नी को उसकी माताजी के लेके जाना पड़ता हैं , ओर फिर वहां पर माताजी आती हैं, ओर विकास की पत्नी एक धम सही हो जाती हैं , माताजी ने ही उसको ठीक कर दिया , अब ढ़ाकन का रोल खत्म हो जाता हैं ,मतलब  नजर लगी थीं जो,  

 ढ़ाकन का रोल ठीक कर दिया  माताजी ने कीयूकि विकास की पत्नी  माताजी को बहुत मानती थीं , अब विकास को भी चैन आता हैं , ओर माताजी से यही प्रार्थना करता हैं माताजी मेरी बहू को इन ढ़ाकन से बचा के रखना ,  ओर इसी तरह  विकास  की बहू अब ठीक हो जाती हैं , ओर विकास के साथ घर वापस चली जाती हैं , अब अगर विकास की बहू को माताजी मै विश्वास नहीं होता ओर माताजी का कोई सहारा नहीं होता तो, विकास को बकरा मारना पड़ता , वो तो अच्छा था कि विकास की बहू को माताजी का सहारा था इसलिए सब कुछ ठीक हो गया !

            """""""""""""""बोलो जय माता जी की""""""""""""""

मैंने इस स्टोरी में जो भी बताया एक सच्ची कहानी के तौर पर बताया हैं , पर हमारा मकसद किसी का तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं हैं 

दोस्तों  क्या आपके साथ में भी  ऐसा कभी  हुआ है, अगर हुआ हैं तो कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखना ,

क्या दोस्तो आप इन सब बातों को मानते हैं , अगर हा तो  कॉमेंट जरूर कीजिए

अगर आप गांव से हो तो शायद आपको इस तरह के कैस बहुत सारे शायद देखने को मिल जाएंगे , आप गांव से हो या शहर से कॉमेंट जरूर करना!


क्या आपको ये मेरी  कहानी अच्छी लगी या नहीं अगर पसंद   आयी हो तो कॉमेंट में लाइक जरूर लिखना !!



 जब तक के लिए 

""""""" जय हिन्द वन्दे मातरम्""""""""


Saturday, July 27, 2019

गलत फेहमी से क्या हो सकता हैं जान लो नहीं तो पूरी जिंदगी रोओगे

गलत फहमी से क्या हो सकता हैं जरा सोचिए गलत फहमी कैसे होती हैं और किस तरह लोगो के घर बर्बाद होते जा रहे हैं गलत फहमी से ओर बहुत सारे रिश्ते सिर्फ ओर सिर्फ गलत फहमी की वजह से ही टूटते है , अगर आपने मेरा ये ब्लॉग दो मिनट निकाल कर पढ़ सकते लिया तो जिंदगी भर गलत फहमी करने से पहले  सौ बार सोचोगे , ज्यादा जानना चाहते हैं तो ब्लॉग को एंड तक जरूर पढ़ते रहिए !!

  गलत फहमी कैसे होती हैं ?

दोस्तों हर एक बात के पीछे गलत फहमी हो जाती हैं , ज्यादातर तो वाइफ एंड हजबेंड  मै ही होती हैं चलो इसी बहाने मै आपको एक स्टोरी के जरिए सब कुछ समझाता हूं, एक लड़का होता हैं जिसका नाम होता हैं मनीष कुमार जो एक शहर मै नौकरी करता हैं , उसकी शादी को करीबन तीन महीने ही हुए थे, मनीष कुमार की वाइफ उसके मायके ही रहती हैं , क़ियुकी मायके वालों ने बारह महीने की कर रखी थी, और मनीष भी ज्यादातर बाहर ही नोकरी करता है ,इसलिए  जब भी मनीष काम से फ्री होता है तो वाइफ को कॉल कर लेता हैं, और बाते करने लग  जाता ,, एक दिन मनीष अपनी वाइफ को कॉल करता है और वाइफ का कॉल बिजी आती हैं,  और मनीष की वाइफ ,,, भी  मनीष को कॉल करती हैं,,, और मनीष का  कॉल भी बिजी आता हैं , अब दोनों मै झगड़ा हो जाता हैं , मनीष की वाइफ बोलती हैं आपका फोन बिजी आया था ,और  मनीष बोलता है , आपका फोन बिजी  आया था , अब दोनों मै झगड़ा बढ़ जाता हैं और आखिर कार पता चलता हैं, मै भी आपको  ही कॉल कर रहीं थीं ,,जब आप मुझे  कॉल कर रहे थे, और फिर मनीष बोलता हा यार बहुत ही बड़ी गलत फहमी हो जाती ! क़ियुकी उस टाइम दोनों ने किसी से भी बात नहीं की थीं ओर दोनों के आपस में ही कॉल मिल गया था !! इसी तरह उनका परिवार टूटते टूटते बच गया , किसी का तो टूट ही जाता हैं !!

    गलत फहमी कियू होती हैं ?

दोस्तों गलत फहमी पहली बात तो हम करते कियू है , मान लीजिए  मनीष की वाइफ अपने भाई या सिस्टर , या फिर मां से भी तो बात करती ही होगी और मनीष अगर उस टाइम भी कॉल करता तो मनीष की वाइफ का कॉल बिजी ही आता अगर मान लो मनीष बिना सोचे समझे ही वाइफ को गालियां सुनाने लग जाता हैं तो ये बहुत ही शर्मनाक वाली बात हैं ,
अगर किसी की भी वाइफ पर उसका विस्वास है तो वो कभी भी उसपे शक नहीं करेगा ओर उसका  जीवन एक धम सुख शांति से रहेगा ,, आज की दुनिया मै विस्वास ही सबसे बड़ी चीज हैं इसके अलावा कुछ नहीं हैं , अगर आप अपनी वाइफ पर विश्वास करते हैं तो इस तरह का कोई भी सवाल नहीं पूछे,,  जो आपकी लाइफ के लिए बहुत ही खरनाक बन जाएं, अगर आपको शक होता हैं , जरूर पूछ सकते हैं, कीयूकि जुठ जूठ होता हैं और सच सच होता हैं !! कुल मिलाकर ये बात हैं आज की दुनिया मै विस्वास हैं तो सब कुछ हैं बाकी सब कुछ बेकार हैं !!


    गलत फहमी से क्या हो जाता हैं ??

सबसे पहली बात तो अगर आपने गलत फहमी हो रहीं हैं तो तुरन्त बता दो कि ये बात हैं, अगर बोलोगे भी नहीं ओर अपने अंदर ही अंदर रखोगे तो जहर बन जाएगा, ओर कभी ना कभी जहर को बाहर निकाल ही दोगे, इससे अच्छा तो ये हैं कि जहां भी लगे कि यहां पर गलत हों रहा हैं, तो बोल दो  तो बात शायद  समझ जाएंगी  कि हा मै भी गलत कर रहीं हूं , यहां पर वाइफ हो या फिर हसबैंड मै दोनों के लिए बोल रहा ,अगर  पति गलत कर रहा हैं , तो वाइफ को बोल देना चाहिए , यहां पर आप गलत कर रहे हों, अगर वाइफ गलत करती हैं तो पति भी बोल सकता हैं, ताकि दोनों के अंदर जहर ना बने और दोनों का तालमेल बना रहे , अब पति भी नहीं बोलता ओर वाइफ भी नहीं बोलती तो क्या होगा , एक दिन झगड़ा होगा , ओर रिश्ते टूटने की नोंबत आ जाएगी , इसी लिए गलत लगे तो बोल देना चाहिए, अगर आपने नहीं बोला तो आपका रिश्ता टूट भी सकता हैं !

      मै तो कहता हूं गलत फहमी करते ही कियू हो !!

दोस्तों मै तो इस ब्लॉग मै ये ही कहूंगा कि आप गलत फहमी करते ही कियू हो, गलत फहमी भी होती हैं , जहा पर होनी चाहिए वहां पर होती भी हैं ,पर  अगर आप करोगे तो पछताना भी तो आपको ही पड़ेगा क्योंकि या फिर तो खुल के बात कर लो की ये बात हो रहीं हैं ,ओर  मुझे इस बात से परेशानी हो रहीं है , तो कुछ ना कुछ तो सुझाव निकलेगा ही या फिर तो उसका फैसला होगा या फिर आपकी गलत फहमी ; दूर होगी , अगर आप गलत फहमी नहीं करोगे तो आपके ही जीवन मै खुशी रहेगी और आप भी चैन की नींद ले पाओगे , नहीं तो आपके ही दिमाग मै बार बार आती रहेगी,ओर  जहर बनेगा  और फिर  एक दिन रिश्ता आपका  टूटना ही हैं , अगर आज की दुनिया की बात करे तो  अगर आपके घर में नुकसान हो रहा हो तो पड़ोसी हसेंगे ही आप पर इस बात का हमेशा ध्यान रखना !!
   

     दोस्तों आज के ब्लॉग मै इतना हीं मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग मै  जब तक के लिए !! """"जय हिन्द वन्दे मातरम्"""""

Thursday, July 25, 2019

गांव के लोग किस तरह करते हैं???

दोस्तों आज का ब्लोग्स जो हैं ,  गांव के बारे मै है गांव के लोग क्या करते हैं , कहां जाते है , किया काम करते हैं, कितने घंटे काम करते हैं , कितने घंटे सोते हैं , मोर्ननिग  मै कितनी बजे उठते हैं, और भी इसी तरह की इंटरस्टिंग बाते करेंगे  तो लास्ट तक बने रहिए हमारे साथ!!


तो फ्रेंड्स चलिए आज का ब्लोग्स स्टार्ट करते हैं , अगर आपको इस ब्लोग्स मै थोड़ी सी भी बाते अच्छी लगती हैं तो कॉमेंट बॉक्स मै लाइक जरुर  राइट करना ताकि आपके लिए ऐसी ही ब्लोग्स बनाते रहे !


            हेल्लो दोस्तों कैसे है आप सब लोग मै हूं आपका दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहेब, दोस्तों उम्मीद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे, और उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा ब्लॉग पसंद आएगा !!

दोस्तों बात कर रहे है गांव के बारे मै शुरू से ही स्टार्ट करते हैं ,सुबह  के बजते हैं  चार और बोल जाता हैं मुर्गा कुकड़ कु, और गांव के जितने भी बुजुर्ग लोग होते हैं , सब अपने बिस्तर पर थोड़ी देर के लिए बैठ जाते हैं , बीड़ी, तम्बाकू जो भी पीना होता है पी लेते हैं ! 



 फिर बिस्तर छोड़ कर फ्रेश होने को चले जाते है, राम का नाम जपते जपते फ्रेश होने चले जाएंगे , इसी बीच जो भी बड़ी बहू घर में होती हैं वो भी उठ जाती हैं साथ में सास भी उठ जाती हैं, पांच बजे के करीबन सास और बहू दोनों ही उठ जाती हैं , जो लोग समझदार होते है , वो सबसे पहले उठकर जो गाय भैंस होती हैं ,उनका  गोबर साफ करते हैं, फिर घर का झाड़ू  निकालते है, फिर चाय बनाते हैं ,इतने  मै 5:30 हो जाता हैं और घर के करीबन सारे मेंबर उठ जाते हैं !

और  कोई कोई लड़के  छः से साढ़े बजे तक भी उठते है और कोई कोई तो सात भी बजा देते हैं , और इसी बीच मां चाय बना लेती हैं, और सब चाय पीते है छह बजे से सात बजे तक ,वैसे  चाय पांच से साढ़े पांच बजे तक रेडी हो जाती हैं पर बच्चे उठते हैं , जितने सात तो बज ही जाते हैं चाय पीते पीते !! पर लेकिन जो छोटे छोटे बच्चे होते हैं वो तो पांच बजे ही उठ जाते हैं , पर उनकी मां दूध पिलाकर वापस सुलाती हैं, फिर भी  घंटे भर सोएंगे और फिर उठ जाएंगे !!

अब जितने भी स्कूल जाने वाले बच्चे होते हैं उनके लिए टिफिन तैयार करना होता हैं तो मां अपने बच्चो का टिफिन तैयार करके स्कूल भेजती हैं, पर गांव मै पहले क्या हुआ करता की चाय के साथ मै रोटी  खाते थे!       पर लेकिन अब शायद ही कोई होगा जो चाय के साथ में रोटी खाता हो,अब  इसी बीच जो लोग खेत पर काम करने जाते वो भी चले जाते हैं ,कोई कोई तो पांच बजे जाकर ही खेत पर काम करने लग जाते हैं ,क़ियुकी  गांव में तो सब खेती ही करते है , पर कोई कोई तो आठ से नौ बजे ही पहुंच पाता हैं , कीयुकि अगर आपके घर में काम करने वाला और भी कोई होगा तो आप पांच बजे ही चले जाओगे , अगर आप अकेले हो तो आप नो बजे तक ही पहुंच पाएंगे, कीयूकि घर पर भी बहुत सारे काम होते हैं , घर की साफ सफाई , गाय भैंस को चारा डालना ,हालाकि  गाय भैंस को चारा तो पांच बजे ही डालना पड़ता हैं,,

पर फिर भी बहुत सारे काम  होते है , पानी भरना , रोटी बनाना, बच्चो का टिफिन तैयार करना, छोटे बच्चे होते हैं तो उनको भी संभालना पड़ता हैं, इसके अलावा भी छोटे मोटे काम तो होते ही रहते हैं, कभी कभार ऐसा       कहते हुए सुना ही होगा की ,, घर काम तो पूरा दिन मै भी नहीं होता करे जितना कम हैं ,,


रचके की सब्जी कैसे होती हैं ???

अब 8 से 9 बजे तो सब लोग खेत पर जाकर  अपने अपने खेतों में काम करने लग जाते हैं, खेतों में करीबन दो फसल ही बोते है , एक खरीफ की ओर दूसरी रबी की फसल , गरमी के टाइम मै कोई फसल बो देते हैं ,कुछ  नहीं बोएंगे  , ज्वार या फिर रचका ही बो देंगे,रचका तो किसी भी टाइम लगा सकते हैं, अगर रचका  एक बार बो दिया तो रचका तीन साल तक रहेगा ,बस  उसको पानी पिलाते रहो और ओर काट  काट कर अपने घर मै कोई भी मवेशी हो उसको खिलाते रहो ,रचके को गाय, भैंस, बकरी, सब खाते हैं, ओर हा रचके को गाय भैंस ही नहीं बल्कि उसकी सब्जी भी बनाकर खा सकते हैं, बहुत  ही टेस्टी भी होती हैं, मेरे को तो बहुत पसंद हैं, अगर आपने भी कभी रचके की सब्जी खाई हैं तो कॉमेंट करना की कैसी लगती हैं आपको ? ओर अगर आपने कभी नहीं खाई हैं तो जरूर खाईये ओर कैसी लगती हैं कॉमेंट मै जरूर टाइप कीजिए कि आपको किस तरह लगती है??




 गांव वाले खाना कब  खाते हैं !!

       दोस्तों अगर हम खाने की बात करे गांव वालों के बारे मैं , तो सुबह तो सिर्फ चाय ही पीते हैं ,कोई  होता है जैसे उसके फैमिली बड़ी होती है तो नाश्ता भी बनाते हैं पर ज्याातर तो सुबह चाय ही पीते हैं , और खाने की बात की जाएं तो गांव मै तीन बार खाना खाते हैं ,अगर  टाइम पर खाते है तो बाकी दो टाइम तो खाते ही हैं ,जैसे  ही खेत पर काम करके आते हैं ,तो  सबसे पहले खाना ही खाते हैं , अगर कोई सुबह जल्दी खेत पर काम करने चला गया हैं तो ,वो  आदमी 10 से 11 बजे के बीच मै खाना खाने लग जाएंगे, और अगर जो 9 बजे जाता है, तो फिर वो खाना खा कर ही जाएगा , इसी तरह 10 बजे खाने वाला 2 से 3 बजे के करीबन और खाना खा लेता हैं , और फिर शाम को ही खाना खाते हैं , शाम मै करीबन गरमी की बात करे तो 8:00 से लेकर 10:00 बजे तक खाना हो जाता हैं, अगर हम सर्दी की बात करे तो  7:00 से लेकर 8:30 बजे तक खाना हो जाता हैं , पर एक बात तो हैं अगर आप खेत पर काम कर रहे हैं , और खेत पर ही खाना आ गया हो तो खाना का मजा ही कुछ ओर हो, जहां आप दो रोटी खाते वहां आप  तीन से चार रोटी खा जाएंगे , खेत पर बैठकर खाना खाने की बात ही कुछ ओर होती हैं , 

  

दोस्तों आज के ब्लॉग मै इतना हीं मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग जब तक के लिए, """जय जवान  जय किसान""" """जय हिन्द वन्दे मातरम्""



Wednesday, July 24, 2019

लड़कियों के लिए 50% छूट कियूं

हेल्लो दोस्तों कहानी हैं मेरे शहर भीम की जहां पर गाव की लड़कियां पढ़ने के लिए आती हैं, ओर झगड़ा होता है किराया के पीछे , की 50 परसेंट डिस्काउंट चाहिए , क्या सही है क्या गलत बने रहिए एंड तक !!!


हेल्लो दोस्तों कैसे है आप सब लोग मै हूं आपका दोस्त दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहेब ,दोस्तों  बात करने वाले हैं मेरे शहर भीम की , मै इवनिंग के टाइम मै फेसबुक चला रहा था , मैंने एक वीडियो देखा तो मै दंग रह गया , की ओटो वाला किस तरह लड़कियों से बात कर रहा हैं , पर लेकिन लड़कियां भी कहा ओटो वाले से कम थीं , हाथों हाथों जवाब दिए जा रही थीं, झगड़ा होता हैं किराया को लेकर , ओटो वाला मांगता है  दस रुपए और वो भी स्टूडेंट से,, और वो भी सात किलोमीटर के  , रेगुलर अगर दस रुपए ओटो वाले को स्टूडेंट देंगे तो महीने के होते हैं तीन सो रुपए और तीन सो रुपए एक गरीब परिवार के लिए बहुत बड़ी बात है , इसीलिए लड़कियों ने ओटो वाले को दस रुपए के बजाय पांच रुपए लेने की बात कहीं पर ओटो वाला नहीं माना तो लड़कियां ने ओटो वाले के चक्के जाम करा दिए, लड़कियों ने रोड पर काटे पथर डाल दिए ,

अब ओटो वाला लड़कियों से झगड़ा करना लगा !! की जो पांच रुपए में लेके जाता हैं , उसी ओटो मै जाओ , ये बात अखबार में भी छप चुकी थीं , पर ओटो वाला ये  बोल रहा था कि मैंने कब किसको मना किया पर ये बात कहा तक सच है ये तो मुझे भी नहीं पता ,पर ओटो वाला बस लड़कियों से एक ही सवाल पूछ रहा था कि आपको ये किसने कहा की मैं पांच रुपए में नहीं लेके जाऊंगा ??? पर ये बात कोई नहीं बता पाया कि ऑटो वाले ने किसको मना क्या ,

ये बात तो सिर्फ ओटो वाला ही बता सकता हैं , उसने मना क्या था या नहीं ? 


पर लेकिन साहब कही ना कही बात तो जरूर उठी है तभी तो लड़कियां की भी आवाज उठी है ,आज की दुनिया आवाज उठाना भी बहुत बड़ी बात होती है , आजकल तो बस यही  """ अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता """" ये डायलॉग भले ही बुरा लगता हो पर ये ही सच है , लड़कियों ने आवाज उठाई ये ही काफी है मै तो सैल्यूट करता हूं उनके ज्जबे को ,, की उन्होंने कम से कम आवाज तो उठाई , पर इस कलयुग मै तो जब अपने घर के उपर से छत भी टूट जाती हैं , फिर भी लोग सोए पड़े रहते है , गांव मै तो सबका ये ही हाल है कि "" अपना काम बनता भाड़ मै जाए जनता"""""


मतलब सामाजिक कार्यकर्ता करता तो कोई बनाना ही नहीं चाहता , आज उसके साथ गलत हो रहा है होने दो , बस जब अपने पर आए तो देख लेंगे , बस यहीं कहकर बात को  खत्म करते है , पर भाई जहां पर  लगे कि यहां पर कुछ बोलना चाहिए तो वहां पर भी डर के मारे कुछ नहीं बोलते की कही मेरे साथ कुछ हो ना जाए !!! दोस्तों होने को वाले को कभी भी  हो सकता , पर कुछ अच्छे काम करके  कुछ हो भी जाता हैं तो , दुनिया याद रखती हैं, और इस कलयुग मै अमृत किसको कहा गया हैं , बस अमृत तो यही हैं की अच्छे कर्म करो अच्छे काम करो बस ये ही अमृत कहलाता हैं ! अमृत ऐसे कहलाता है कि आपको सो साल तक दुनिया याद रख सकें यूं नहीं की दो साल में ही भूल जाएं !


अब इन लड़कियों ने जो आवाज उठाई हैं वो जिंदगीभर यादगार बनी रहेगी , तो आपको भी जहां पर भी गलत लगे तो आप जरूर आवाज उठाइए , ऐसा कोई काम करके जाईए की आपको दुनिया याद रखें !                     में ये नहीं कहता कि आप दुनिया के याद रखने के चक्कर में कुछ गलत काम करके बैठ जाएं!! नाम दो तरीको से हो सकता एक तो गलत काम करने से , और एक अच्छा काम करने से , आपको कोई गलत काम नहीं करना हैं,,, की आपको दुनिया याद रखें, आपको अच्छा काम करना हैं कि आपकी कहानिया  मां अपने बच्चो को सुनाएं , और आपके बारे में बातें करें एक दूसरे से, अगर आप गलत काम करेंगे तो आप कुछ दिनों के लिए ही फेमस होंगे , अच्छा काम करके जाएंगे तो आपको दुनियां  सो साल तक याद रखेगी !!!




               """""तो दोस्तों आज के ब्लॉग मै इतना हीं""""

अब आपको क्या लगता क्या दस रुपए ही रखने चाहिए सात किलोमीटर ?

या फिर पांच रुपए कर देने चाहिए ??? 

क्या ओटो वाला सही है या गलत ??

क्या लड़कियां गलत है या सही ???

कॉमेंट बॉक्स में इन सब  सवालों के जवाब दीजिए प्लीज़ !!! तब ही में इस तरह के ब्लोग्स बना पाऊंगा !! 

                  """"""""""""जय हिंद वंदे मातरम्""""""""""



Tuesday, July 23, 2019

मेरी मां से में बात नहीं करता कियू ?

हेल्लो दोस्तों मै मेरी  मां से बात नहीं करता ?  क्या बात करनी चाहिए मुझे ? क्या मै रोज घर पर  कॉल करू ?

कहानी हैं हमारे  बाबू लाल की जो एक नॉर्मल फैमिली से बीलोम करता हैं बचपन से ही पापा के गुजर जाने के बाद बाबू  लाल  एक शहर में 8000 , 10000 हजार की नौकरी करता है, बाबू लाल जब 14 साल का था तब ही बाबू लाल  के पापा चल बसे थे , बाबू के पापा भी खेती ही करते थे , इसलिए घर की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं होने के कारण बाबू लाल ने 7 वीं तक ही पढ़ाई की, सातवीं की पढ़ाई जैसे ही पूरी हुई और पापा भी चल बसे थे , इसलिए बाबू लाल ने पढ़ाई छोड़ दी थी, अब बाबू लाल का सहारा सिर्फ एक छोटी बहिन और मां ही थीं, अब बाबू लाल शहर मै नौकरी करता है , और मां घर पर ही बाबू की छोटी बहिन के साथ घर पर ही रहती हैं, बाबू भी अब ठीक ठाक पैसे कमाता है , और घर का खर्चा वर्चा भी मा देख लेती हैं  , कीयुकी मां भी गांव में खेती करती हैं तो थोड़े बहुत पैसे खेती से आ जाते हैं , ऐसा करते करते  चार पांच साल बीत जाते हैं , 

बाबू लाल की शादी  एक नोर्मल फैमिली मै शादी हो जाती हैं , बाबू लाल को पत्नी भी अच्छी मिल जाती हैं, पर उसके ससुराल वाले अच्छे नहीं मिलते, बाबू लाल की बाबू लाल के गांव में भी बहुत इजत होती हैं पर, ससू राल मै नहीं होोती थीं !  ये बात बाबू लाल को समज में नहीं आ रही थी , की मेंरे ससुराल वाले मेंरी ijt kiyu nhi krte !! इस बात को lekar बाबू लाल भी परे शान होने LGA ki Maine asee konsi glti kar di jo आज तीन month भी नहीं हुए और मेंरे ससुराल वाले मेंरी इज्जत नहीं krte ?

कियूकि बाबू लाल भी एक धम सीधा सादा आदमी था,पर  ससुराल में इज्जत नहीं होती तो बाबू लाल को भी बुरा लगने लगा, कियुकी बाबू लाल ने ऐसी कोई गलती नहीं की थीं,, की  बाबू लाल की इजत ना करें , पर बाबू लाल का भी एक वसूल था कि जिसने बाबू लाल की इजत की ,बाबू  लाल  भी उसकी इजत करेगा !

 अगर बाबू लाल के साथ उल्टा क्या तो बाबू लाल भी उसके साथ उल्टा ही करेगा,,, मतलब """""" जैसे को तैसा""""

पर फिर एक दिन पता चलता है कि बाबू लाल अपने ससुराल वालों से फोन पर बात नहीं करता इसलिए , बाबू लाल की इजत नहीं कि जाती, बाबू लाल ये सोचकर सदमे में रह गया कि ये क्या इतनी सी बात पर मेरी इज्ज़त नहीं कि जाती???? क्या होगा अब इस दुनिया का ये सोचकर बाबू लाल का दिमाग ऐसा खराब होता है जैसे , वेज मांगा हो और नॉनवेज खिला दिया हो, अब बाबू ने ये सोचा कि मै मेरी मां से भी । मैं 10 दिन में एक बार बात करता हूं,,   फिर उसके बाद मै बाबू लाल को जब भी टाइम मिलता तो अपने ससुराल वालों से अपनी मां से फोन पर बात करता ! बाबू लाल की जिस तरह अपने गांव मै इज्जत होती थी के उसी तरह ससुराल मै भी होने लगीं !!!

इस कहानी को लिखना का मकसद ये है टाइम निकालकर अपने ससुर, सास, सालिजी, सालाजी, साला जी की बहू से भी बात कर लेना नहीं तो आपकी भी बाबू लाल की तरह कहानी बन सकतीं है, कॉमेंट में जरूर लिखना की आपकी,,,, मां से  आप कितने दिनों के बाद बात करते हों ?

तो फ्रेंड्स आज के ब्लॉग में इतना ही मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग जब तक के लिए

          """जय हिन्द वन्दे मातरम्"""

Sunday, July 21, 2019

लड़कियां कियू भागती हैं?????

ये स्टोरी हैं , अनीता रावत की जो शादी की चार साल बाद अपने पति को छोड़ कर भाग जाती हैं, इसी के बारे मैं जानेगे , तो लास्ट तक pdte Rahiye!!! 

दोस्तों कहानी है अनीता रावत की जो एक नोर्मल फैमिली से बीलॉम् करतीं हैं,एजुकेशन की बात की जाए तो अनीता 8 वीं फैल थीं, अनीता ने जहां तक मुझे याद हैं अनीता ने  सन 2010 मै ही 8 वीं कर ली थी , अनीता ने पढ़ाई के करीबन पांच साल के बाद शादी कर ली थीं !! जब अनीता की शादी हो रही थी , तब ही लोग बोल रहे थे  कि अनीता मुश्किल ही टीक पाएगी, अनीता की शादी भी धूम धाम से होती हैं, पर एक बात तो कन्फर्म थीं कि अनीता का पति गांव वालों को कम ही पसंद  आता हैं ! पर पता नहीं अब अनीता को अनीता का पति पसंद हैं या नहीं??? पसंद तो होगा ही तब ही शादी की होगी !!

 अनिता कि शादी हो जाती हैं, अब स्टार्ट होता हैं अनीता की शादी का जोड़ा , ओर इसी तरह चलते चलते शुरू  हो ता है शादी का intermisson

अनीता का पति ड्राइविंग करता हैं , और अनीता अपने ससुराल मै ही रहती थी, अब अनीता कभी अपने घर पर आती और कुछ दिन

 घर  पर रहकर वापस चली जाती, इसी तरह करीबन एक साल तक चलता रहा , पर फिर पता नहीं अनीता का intermisson कैसे शुरू होता है ,अनीता की शादी करीबन एक साल भी अच्छे से नहीं चल पा रहीं थीं जैसे तैसे अनीता ने चार साल कै करीबन तो निकाल दिए पर इन चार सालों में अनीता ज्यादातर तो उसके के मा य के ही रहती थी !

कियुकी अनीता हमेशा से ही झगड़ा करके आ जाती अपने ससुराल वालों से और फिर उसके मायके ही रहने लगती , एक दो बार समझाने पर वापस अपने ससुराल ग ई भी थीं , पर समझाने पर जाने वाली कभी ज्यादा दिन तक चलती  नहीं हैं , कियूकी पति तो अनीता को चाहिए , समझाने वाले को थोड़ा ही चाहिए , बस गाव वा ले तो सिर्फ अपने को कहे सकते हैं , अब अपने को डिसाइडेड करना हैं की मुझे क्या करना है, जैसे तैसे चार पांच  साल पूरे होने लगे और ,अनीता  के पैर सिरखने लगे , कोई तो कहता था कि अनीता को अनीता का हसबैंड पसंद नहीं, अब जितने मुंह उतनी ही बाते होने लगती हैं, 

और इसी तरह अनीता , अनीता के हसबैंड को छोड़ कर दूसरे कै संग भाग जाती हैं , कुछ पैसे होते हैं वो भी लेके चली जाती हैं ,अब  बात ये आती हैं कि अनीता कियू भागी आपका कोई भी सवाल,,, जो भी हो कॉमेंट बॉक्स में जवाब जरूर दे ????

क्या अनीता को अनीता का हसबैंड पसंद नहीं था ???

क्या अनीता किसी और से पियार करती थीं ????

क्या अनीता का पति भोला था ??????

क्या अनीता अपने हसबैंड के साथ खुश नहीं थीं ????  

इन सब सवालों के अलावा और कोई भी कॉमेंट हो तो जरूर करना ,,,!!!

इन सब सवालों के जवाब अगले ब्लॉग्स मै जब तक के लिए।    

 """"""""""जय हिन्द वन्दे मातरम्""""""""""

Saturday, July 20, 2019

सोनू रावत की लव स्टोरी की जंग

अभी तक  आपने सोनू रावत की शादी के बारे मैं पढ़ा , ओर किस तरह उसकी शादी होती हैं , ओर  नियमानुसार शादी करता है और अब आगे सोनू रावत की शादी की जंग की शुरुआत होती   हैं इसी के बारे मैं पढ़ेंगे चलिए दोस्तों आज ब्लॉग्स कि शुरुआत करते हैं !!!!

सोनू रावत की शादी सन 2019 मै होती हैं सोनू के ससुराल वाले सभी सोनू को पसंद भी करते ,इतना  ही नहीं सोनू को ससुराल के आजू बाजू वाले फैमिली और पूरे गांव को सोनू पसंद था , इतना हीं जो  भी सोनू को देखता पसंद ही आता था , ऐसा कोई भी सोनू को नहीं मिला जो  सोनू को पसंद नहीं करता हो ?

   लेकिन अभी अभी मेरी खुशी का कॉल आया और बोली की मेरो को यहां पर सभी टॉर्चर करते हैं, सिवाय मा and Papa ,क्या करू कुछ भी समझ में नहीं आता की ये तीनों मेरो को कियू परेशान करती है, ये तीनों जो मेरी खुशी की दो भाभी जी है ओर एक सिस्टर , भाभियां तो कोई नहीं पर मेरी खुशी को खुद की सिस्टर भी परेशान करती हैं ,मेरी खुशी का कहना है कि  भाभियां से ज्यादा तो मेरी सिस्टर परेशान करती हैं!

सबसे ज्यादा हरामखोर भी मेरी सिस्टर ही हैं , मेरी खुशी रोती हैं मेरे संग जब फोन पर बात करती हैं तब,, बस यहीं कहती है कि सभी मेरो फालतू में हीं परेशान करते हैं, नहीं  कोई मै गलती करती  हूं ! ओर ऐसा भी नहीं है कि वो जो कहते हैं वो   काम  में नहीं करती हूं , जो भी कहते है मै वो  काम अच्छे से करतीं हूं ,पर  फिर भी पता नहीं कि ये तीनों ही मेरे से प्यार से बात तक नहीं करतीं हैं, 

एक नोर्मल सी बात करते हैं , खुशी की भाभी जी चाय बनाती हैं ,, ओर खुशी बोलती हैं ,भाभीजी  मेरे लिए भी एक कप चाय ज्यादा बना देना मेरे लिए,, भाभीजी कहते हैं , बाईसा मै तो सिर्फ पावाना के लिए चाय ही बना रहीं हूं, सिर्फ ओर सिर्फ एक कप ही बना रहीं हूं ,,,,, अब पॉइंट ये बनता है कि एक कप चाय बना ही रह हैं,, तो एक कप ज्यादा बना लेते तो क्या बिगड़ जाता ????

वैसे तो एक कप चाय बनाएंगे तो दो कप चाय बनेगी ही ,,ओर  दो कप चाय बन भी गई ,,   अब क्या इंटर मिसन तो  start hona हि  था,, अब  chai to ban gyee par ab pilaai kaise Khushi Ko Bole ya na bole ,,, ab ye Dimg Mai bhabhji ke chlne LGA !!

अब बाईसा भी रसोई के अंदर ही बैठ गए की चाय कोन पिता हैं अब भाभी जी के दिमाग में यही चल रहा था कि अब मैं चाय कैसे पिऊ ,,, कियू की वो तो पहले ही बोल चुकी थी कि में तो सिर्फ पावना के लिए ही चाय बना रहीं हूं !!

फिर भाभी जी इधर उधर बहुत घूमे ओर मोका मिला और चोका मार दिया !!! मतलब चाय पी गए !!!

अब गलती किसकी आतीं हैं , बाईसा की या भाभी जी के कॉमेंट करना दोस्तों जरुर ?????

दोस्तों मै तो छोटे वाले भाभी जी को बहुत अच्छे समजता था , पर ये तो चाय तक नहीं पीला सकते फिर क्या घंटा अच्छा लगेंगे!!!

             दोस्तों आज के ब्लॉग में इतना हीं मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग में जब तक के !!!

   

                           """"""""""""""जय हिंद वन्दे मातरम्""""""""""""

Friday, July 19, 2019

सोनू रावत की लव स्टोरी

अब तक आपने सोनू रावत  की फैमिली के बारे मैं जाना ओर उनकी रियल लाइफ की स्टोरी के बारे मैं जाना ओर  अब आगे  है सोनू रावत की शादी !

हेल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सब लोग में हूं आपका दोस्त दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहब , उम्मीद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे, 

दोस्तों बात करने वाले सोनू रावत की जो एक नोर्मल फैमिली से बीलोम करता है और उसकी किस तरह शादी होती हैं ओर किस तरह उसकी शादी की जंग शुरू होती हैं ! 

सोनू रावत की शादी एक नोर्मल वर्ग के फैमिली मै  होती है ! सोनू की शादी सोनू के गांव से चालीस किलोमटर  मै होती हैं !

सोनू की शादी  बड़े ही धूमधाम से गांव में होती हैं !!

सोनू हमेशा से ही ये कहता था कि मेरी शादी में , शराब किसी  को भी नहीं पिलाऊंगा पर फिर भी सोनू रावत ने सभी को शराब पिलाया और जो गांव का नियम था उसका पालन करते हुए सोनू रावत की शादी होती हुई आगे बढ़ गई,, गांव मै करीबन  15 दिन तक शादी का वनियाग बैठाते है !! 

ओर 15 दिन अपने फैमिली के संग अपने  पूरे गांव में जाकर खाना खाते हैं , जिसको हम लोग बंदोला बोलते है,, ओर इसी बीच रोज हल्दी का कार्य क्रम  भी होता हैं , जिसको हम लोग पि टी कहते है , ओर रोज शाम को डांस ,पार्टी  , दारू , गीत, ये सब कुछ 15 दिन तक चलता रहता है!!!     ओर फिर 14 वें दिन तो  बंदोली  को पूरी नाइट   डांस करते हैं !! 

ओर 15 वें दिन शादी हो जाती हैं सोनू रावत की और  नाम रख देता हैं !

       

            """""""""""""""सिंह साहब विथ खुशी"""""""""""""

कहानी का inter‌mission  तो अब स्टार्ट होता हैं , शादी हो जाती है ! सिंह साहब ओर खुशी के बीच लव  भी बहुत हो जाता है , पर intermission  ‌ तो इस लिए स्टार्ट होता हैं कि कियुकी खुशी चली जाती हैं अपने मायके ओर सिंह साहेब रह जाता हैं अकेला ????

अब इधर सिंह साहब अकेला ओर उधर खुशी अकेली ,,,  खुशी भी नहीं चाहती थीं कि उसका सिंह साहेब अकेला रह , पर खुशी को भी मजबूरी  में महात्मा गांधी बनना ही पड़ रहा था !! इसी बीच सिंह साहब चला जाता हैं जोधपुर ओर कुछ महीने काम करता रहा !

 पर काम में भी उसका मन नहीं लग रहा था।   फिर    सिंह साहब एक बार घर भी जाके आता हैं ओर खुशी के संग कुछ दिन रह कर  भी आता हैं ,, अब यहां तक सब ठीक हैं !

Wednesday, July 17, 2019

मेरी सबसे बड़ी जंग इस दुनियां से

हेलो दोस्तो कैसे हैं आप सब लोग में आपका दोस्त दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहेब !!! उम्मीद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे ,, दोस्तों आज मैं आपको एक मेरे गांव की रियल स्टोरी सुनाता हूं ,, जिसको सुन कर शायद आपके रोंगटे खड़े  खड़े हो जायेगें !!!

 आप भी यहीं सोचते रहे जाओगे क्या एक पति अपनी पत्नी के लिए ये सब कुछ कर सकता है ,, ओर एक पत्नी एक पति के लिए क्या क्या कर सकती हैं ! तो आज के ब्लॉग मै ये ही सब कुछ देखते हैं ,, तो  चलिए फ्रेंड्स आज ब्लॉग स्टार्ट करते हैं !!!


           

             दोस्तों ये कहानी है सोनू रावत जो एक नोर्मल फैमिली से बिलोम करता है , बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियर था ! ओर फर्स्ट क्लास से लेकर सेवंथ क्लास तक प्रथम स्थान का रिकॉर्ड भी उसके ही नाम था , हालाकि पढ़ाई तो उसने  टेंथ कर रखीं थीं , पर रेगुलर उसने सिर्फ ओर सिर्फ सेवेंथ तक ही कर कर रखी थी !  टेंथ उसने जोधपुर मै जॉब के साथ

साथ ओपन के जरिए  टेंथ भी पास कर ली थी ! सेवंथ क्लास के एग्जाम के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी ,,  कियू की उसके फैमिली की रैंक अच्छी नहीं होने का कारण उसने पढ़ाई छोड़ दी और चला गया जॉब करने के लिए भीलवाड़ा,, भीलवाड़ा से 46 किलोमीटर आगे त्रिवेणी चोराया वहां पर एक पेट्रोल पम्प  पर काम करने को  लगा मैं 10 जून 2013 को ही भीलवाड़ा गया था!!


       ओर उसके बाद 24 अगस्त 2014 को उसके पापा चल बसे किसी बीमारी कि वजह से पर मुझे तो नहीं लग रहा था कि कोई बीमारी थीं ,, मुझे ऐसा  लग रहा था कि किसी ने मेरे  पापा पर जादू करवा दिया है ??

(इसका सबूत भी हैं)( चाहिए तो कॉमेंट करना)

पापा के चले जाने के बाद हम सब बहुत ही दुःख मै  पड़ गए थे !! कियू की किसी  ने भी अगर जन्म लिया हैं तो मरना तो हैं ही ,, हमें सिर्फ इस बात का दुख़ था कि  मेरे पापा उम्र से पहले ही चल बसे थे इसलिए ,, कियू की पापा तो सबके मरेंगे

पर उम्र से पहले ही मर जाएंगे तो दुःख तो होना ही हैं !!



            सोनू रावत के दो भाई दो बहिने थीं सबसे बड़ी बहिन थीं नाम था माया उसके बाद मेरा भाई नाम था विक्रम

उसके बाद मैं बहिन नाम था पूजा ,, जिसके बाद मैं सोनू रावत ओर उसके बाद मैं मेरा छोटा भाई किशन !!

दोनों बहिनो की शादी हो चुकी थीं ! मुझे याद भी नहीं था मेरा जन्म  सन् 1997 में हुआ था और करीबन बहिनों की शादी भी 1998 के आस पास ही हुईं थीं इसलिए ज्यादा मुझे याद नहीं हैं,,

ओर मेरे बड़े भैया की शादी 2013  में हुई थीं !! मेरी बहिनों की शादी भले ही जल्दी करा दी हो मगर ससुराल बाद मैं ही

 गई थी कियू की उनकी शादी बचपन में ही करवा दी थी !! बड़ी वाली बहिन 2005 से 2006 के बीच में चली गई थी ,

ओर उससे छोटी वाली 2012 मै चली गई थी!!!

 

      अब शादी की  बारी  अाती है सोनू रावत जो की दूसरों घरों के झगडे़ देख देख कर बोलता की मै तो शादी नहीं करूंगा, सगाई करने आते तो कभी लड़की पसंद नहीं तो कभी कुछ ओर बहाना बना कर शादी टालता रहा ,,

टालते टालते  4 साल बीत गए पर फिर सोनू रावत ने शादी नहीं की,,, जो भी मेरा Reestedar मिलता यहीं कहता की

  '""" भाई अब तो शादी कर ले""""""" ओर इसी तरह गांव वाले अब सोनू की शादी नहीं करवा रहे थे !!

अब तो सब कहने लग गए थे भाई बहिन ,, जीजाजी तो अब मैंने सोचा  कर ही लेते हैं यार्र शादी !!!

ओर सगाई वाले आए   बॉलरों में 10 से 12 आदमी ओर ओरते पसंद आ गया  मैं   ओर   उन्होंने बोला ठीक हैं लड़का

फिर तो चारों तरफ़ हा ही हा थीं !!!!!!

   



              दोस्तो अब सोनू की शादी की अब नेक्स्ट ब्लॉग मै करेंगे !!!!





               

  जब तक के लिए   """""""""  जय हिंद वन्दे मातरम्""""""""

Saturday, July 13, 2019

मेरी पियारी खुशी से मिलने घर जा रहा हूं

हैलो दोस्तों  कैसे हैं आप सब में हूं आपका दोस्त दिलीप  सिंह उर्फ सिंह साहब !!!  दोस्तों उमिद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे ,, दोस्तों आज मैं जा रहा हूं मेरे गांव मीट मय खुशी !!! दोस्तों जैसे कि आप जानतें होंगे कि में जोधपुर में जॉब करता हूं , पर आज मैं घर जा रहा हूं मेरे पियांरे Gaav की याद भी आ रही हैं और मेरी पीयरी खुशी की भी।  ,,,,

 दोस्तों मेरा गांव राजस्थान के एक छोटे से जिले  राजसमंद में रहता हूं और राजसमंद की छोटी सी तहसील भीम में रहता हूं ,, भीम के एक छोटे से गांव सीरोला मै रहता हूं  !!!  ओर मेरे गांव मै छोटे छोटे घर हैं ,, घर मै छोटे छोटे  बच्चे बूढ़े जवान सभी रहते हैं ,, ओर इन छोटे छोटे घरों में ,,,, बड़े बड़े दिल वाले रहते हैं !!!! दिल तो सभी के पास होता हैं , पर किसी के  पास बड़ा होता है तो किसी के पास छोटा !!! पर इन छोटे छोटे घरों सभी के सभी बड़े बड़े दिल लेके बैठे हैं !!! 



    पर  इस कलयुग में  लोग यहीं  सोचते हैं की जिसके पास  पैसे है वो ही बड़ा आदमी हैं ,,, नहीं साहब पैसे पैसे की जगह काम आता हैं और दिल दिल की जगह काम आता है।  यूं नहीं की जिसके पास पैसे हैं उसका दिल भी बड़ा होता ,, नहीं होता हैं ,  कीयूकि सभी का दिल एक जैसा नहीं होता !!! अभी मैंने कहा ना किसी का छोटा तो किसी का बड़ा   होता हैं ,, क्या ?? कॉमेंट जरुर करना किसका छोटा है और किसका बड़ा हैं ??? क्या ???



      चलो ठीक हैं छोटा बड़ा बहुत ज्यादा हों गया हैं !!!  अब काम की बात करते हैं !!!

 दोस्तों मैं हमेशा मेरे गांव जाता हूं तो नाइट मै ही सफर करता हूं मेरा गांव जोधपुर से 200 किलोमीटर है , ओर में हमेशा की तरह आज भी नाइट मै ही निकलने वाला था पर मुझे बस स्टैंड तक छोड़ने वाला कोई नहीं था। फिर मैंने सोचा ऑनलाइन बुक करा लेता हूं ,, उबेर से  बट मुझे पता था कि उबेर बहुत ही महेंगा हैं,, फिर मुझे याद आया कि मैंने एक 

दिन रेपिडो का पोस्टर देखा था वो पोस्टर मै जहां पर जॉब करता था उसी की छत से दिखा था ,, ओर उसपे ये भी लिखा हुआ था ,, 3 किलोमीटर ओनली 15 रूपए मै ???  मैंने एक बार तो इग्नोर कर दिया इतना सस्ता भी कोई राइडर मिलेगा ?  फिर आज मैंने सोचा आज मेरो को कोई ड्रॉप करने वाला भी नहीं है,, कियू नही  रैपिडॉ का ऐप को डाउनोड करके देखते हैं,, फिर क्या डाउनलोड भी कर लिया ओर ड्रॉप भी कर लिया  15 रुपए मै वा मज़ा आ गया कि नाइट कै टाइम मै

ने 15 रुपए मै 3 किलोमीटर वाऊऊऊ!!!! पहली बार आया हूं  नाइट में 15 रुपए मै वरना तो मैं हर बार ऑटो को 50 रुपए  भरकर ही आता हूं बस स्टैंड!! पर इस बार 15 मै ही  कहा 15 ओर कहां 50 तो ये बड़ी अच्छी  बात है नॉर्मल आदमी भी ओनलाइन रेपि डॉ से बुक करा कर सिटी मै गुम सकता हैं!!!!



       भाई मुझे तो रे पीडो बहुत अच्छा लगा फाइव 🌟 भी दे दिया ।आपको भी  रेिपी डॉ का आनंद  लेना हैं तो जाओ और play स्टोर से डाउलोड करो,,प्ले स्टोर नहीं है तो जनरल स्टोर ही जाओ पर रेे पी डॉ को डाउनलोड करें और तुरंत मज़े करे कियू की कलयुग में इतनी सस्ती सीट कहां मिलेंगी ,???? मोखा देखा और चोका मारो!!!!!



  ओर हो सके तो टिकट भी ऑनलाइन करवा दो बहुत अच्छे अच्छे  ऑफर आपको मिल जाएंगे ,,,  पेटीएम , फोन पे मोबिकवी के ओर भी बहुत ऐप हैं जिनके जरिए आप ऑनलाइन टिकट बुक करवा सकते है ओर कैशबैक का ऑफर भी चलता रहता हैं तो आपकी यहां पर कैशबैक भी मिल जाएंगा !!!

मै तो कहीं भी जाता हूं तो मेरा तो जया दा तर  ऑनलाइन ही करता हूं ! उसमे कैशबैक भी मिल जाता है , ओर सीट की भी दिक्कत नहीं होती है ओर टाइम की भी बचत हो जाती है!!

 ओर आजकल तो हर जगह ऑनलाइन पेमेंट होता चाहें फिर वो , रेस्टरेसटो,मूवी ,जनरल स्टोर, हर एक शॉप पर आपको

पयटीएम का ऑप्शन तो मिल ही जाएगा !! मेरे को खुद हो तीन साल से करीबन  PayTM  यूज में ले रहा हूं!!

हालाकि PayTM मै फ्रॉडगीरी काफी हद तक मिलेगी पर वो अपनी गलती भी एक्सप्त करती तो it's ओके  !!


   दोस्तों अभी  मै मेरे गांव पहुंच चुका हूं जोधपुर से मेरे गांव  आने के लिए करीबन 6 घंटे लगते हैं!!

दोस्तों मेरे गांव में थोड़ी बहुत   कपास की खेती  भी होती हैं बाकी इस टाइम करीबन सारी  खरीफ की फसल बो रखीं है जिसमें : ।मक्का  मूंगफली , तिल,उड़द , मूंग   ये सभी फसल बोई जाती हैं ओर भी बहुत सारी  फसल बोई जाती हैं!!

दोस्तों अभी बारिश की बहुत ही खपत पड़ रही हैं तो किसान भाई लोग बहुत ही परेशान हैं क़ियुकि एक बार फसल बोने कै बाद अगर फिर वापस बारिश ना आए तो फसल को बहुत नुकसान होता हैं और सुख भी जाती हैं फसल !!!


 पर भगवान की दया से बारिश भी होगी  क़ियुकि  किसान भाई सब दुआ मांग  रहे हैं भगवान से कि जल्दी से बारिश हो जाए , ओर हम सब की फसल को कोई नुकसान ना हो  , भगवान कभी किसी को निराश नहीं करेगा ओर हम भी प्राथना करते हैं कि जल्दी से बारिश हो जाए!!!


कीयूकी  किसान हैं तो हम हैं

           
             

                                                !!!!!!  जय जवान जय किसान !!!!

                                                     
                                                    !!!!!!      जय हिंद वन्दे मातरम् !!!!!

Friday, July 12, 2019

मेरी पियारी लव स्टोरी

मेरी पियारी लव स्टोरी !!!!!

 दोस्तों मैं आज आपको कुछ ऐSi बाते bताने वाला हूं !!! जो किसी कै भी दिल को छू जाएगी !!!

मै जो भी बताऊंगा वो रियल मै ही हर एक इंसान कै साथ होता हैं इस दुनियां जो भी इंसान आया हैं !!!! उसमे पियार हमेशा रहता हैं !!! कुछ मेरे संग!!! कुछ आपके संग !!! कोई आदमी ऐसा नहीं होता जो किसी से भी पीयार ना करता हों !!

पर लेकिन साहेब ???  गाव मै पियार का मतलब कुछ और ही समजते हैं !!! अगर आपने किसी भी लड़की को  आई लव यू !!!! बोल दिया तो वो ये ही समझेगी (((( अबाउट सेक्स)))


    तो आप ये समझें की  आई लव यू का मतलब क्या होता ???? सिम्पल सा हैं में आपको चाहता हूं और आपको कभी खोना नहीं चाहता सिंपल हैं बट ये गाव मै सिंपल नहीं हैं बल्कि बहुत बड़ा पंगा हैं , समझें आप कॉमेंट करना जरूर !!!!




क़ियुकी मै तो गांव से हूं तो मुझे तो सब पता है !!!   चलो में आपको एक स्टोरी सुनाता हूं मेरी बचपन की!!!   मुझे याद जब मेरे पापा ने मुझे एक कस कै थपड़ जड़ दिया था !!!  आज कै करीबन।  11 साल पुरानी बात है जब मेरा छोटा भाई स्कूल में भेजने पर भी स्कूल नहीं जाता था    !!! जब मैं  11 साल का था ,गलती  मेरी नहीं थीं पर पापा मेरे छोटे भाई की पिटाई शुरू हुई तो मैं भी बीच बचाव मै गया तो मेरे पापा, ने मुझे भी थपड़ जड़ दिया ??? और हम तो एक तरफ हो गए !!

फिर मां और बहिन ने बचा लिया छोटे भाई को पापा की मार से !!! पर वो थपड़ मेरे लिए पहला थपड़ था,,, मेरे पापा का !जहा तक याद था कि मेरे पापा ने मुझे कभी थपड़ नहीं मारा था पर छोटे भाई कि वजह से मुझे थपड़ मिल गया था मेरे पापा का!!!! चलो ठीक है छोटे भाई के लिए तो जान भी हाजिर !!! पर आज दुनियां मैं ना भाई  भाई कै बनती हैं ना भाभी कै!!! आज के इस कलयुग की  बात करें तो मां और बेटे के भी नहीं बनती ,,, मा अलग खाना कहती हैं बेटा अलग खाना  खाता हैं ,, इस कलयुग में क्या करें साहब कलयुग जो हैं ??? अपन दोष कलयुग को देते हैं पर कलयुग का क्या दोष हैं सारा दोष इंसान का ही होता पर सब लोग यही कहते हैं ,,, कलयुग हैं साहेब क्या करें???? अरे कलयुग को कियू दोष देते हो दोष देना ही हैं तो   उस बेटे को दो जो अपनी मां को भी छोड़ कर अलग  रहता हैं !!! अरे मां ने तो हमको जन्म दिया है हम उसी मां को छोड़कर अलग रहते  हैं।  ???? अरे भाई इस में कलयुग का कोई दोष नहीं हैं दोष हैं तो सिर्फ और सिर्फ इंसान का आप अगर मां कै साथ मै रहोगे तो भी कलयुग ही रहेगा नहीं भी रहोगे तो भी कलयुग ही रहेगा !!!! समय को कोई नहीं टाल नहीं सकता !! समय बड़ा बलवान हैं साहेब !!!



             चलो भाई मै।   आपको एक ओर स्टोरी सुनाता है  ,,, स्टोरी तो नहीं नहीं हैं पर है तो हकीकत हैं पर आप यहां स्टोरी की तरह भी पढ़ सकते हैं ,,,      जब अपन छोटे होते हैं   2 से 3 साल तब अपन अच्छे से बोल भी नहीं पाते पर। आपकी मां आपको कितनी बार एक एक शब्द को बोलना सीखती हैं । बचपन में जब आपकी आवाज किसी को भी समझ मै नहीं आतीं तो । एक मां ही होती हैं जो ।आपके हर एक तोतले सब्द को समझ कर आपकी इच्छा पूरी करती हैं


ओर हम उनके लिए क्या करते हैं??????? कॉमेंट करना  दोस्तों !!!!!


    दोस्तों मां तो मां होती हैं  पर हम उनके लिए क्या करते हैं।  ??????

   


       दोस्तों मैं मेरे गांव की ही बात करता हूं ।  एक औरत के दो लड़के थे , (( बदला हुआ नाम )) एक का नाम  विक्रम तो दूसरे का नाम कान सिंह   कान सिंह छोटा था और विक्रम बड़ा था इनके बहिन नहीं थीं  !!! विक्रम बड़ा होने के नाते वो बाहर ही शहर में जॉब करती था !! कभी कभार आता था कोई भी काम गर पर हो जाता तो  !!  और छोटा भाई ड्राइवर बन गया था  ट्रक चलाता था    और इनके पापा तो पता नहीं मैंने तो उनको देखा ही नहीं था ????  सुनने में आया था कि  कान सिंह जब छोटा था करीबन  एक साल का जब ही उनके भगवान को पियारेे ही गए थे , विक्रम की शादी तो मुझे पता नहीं कब हुई पर शायद मेरे जन्म से पहले ही हो चुकी थीं ,, कान सिंह की शादी    2012 मै हुई थीं    ,,।   कान सिंह  की शादी जब हुई थीं तब मैं 6 क्लास में पढ़ता था   हालाकि कान सिंह की बारात में नहीं जा सका था कियु की। उन दिनों मेरे एग्जाम चल रहे थें ।  पर अब तो कान सिंह के तीन बच्चे भी हैं !!! अब कान सिंह ड्रिवर्रिंग करता है और उसकी मां घर पर अकेली ही रहती थीं ,, कीयूकी कान सिंह अपनी मां से अलग ही चुका था !! ओर विक्रम बाहर शहर में हीं रहता हैं ,, जहां तक मुझे याद है विक्रम बहुत कम ही घर पर रुकता हैं और उसकी बीवी भी उसी कै साथ मै रहती थीं ,, अब मां रह गई इधर अकेली दो बेटो कै होते हुए भी मां खुद अपना खाना बनाती ओर खाती। अब इसमें दोष किसका साहेब ??? किसी को भी दोष नहीं दे सक ते ,,, जाहिर सी  बात है दोष हैं सिर्फ ओर सिर्फ बहू का कीयुकि  कान सिंह भी बाहर ड्राइविंग करता है !!! ओर विक्रम भी बाहर ही अपनी बहू कै संग रहता हैं तो।  जाहिर सी बात है कि कम से मै तो अपनी सास के संग रह लू ।????  पर समझ कहां हैं बहू में कि मेरी मां की तरह  होती हैं सास तो फिर मै उसके संग कियू नहीं रहतीं ??

 

 कॉमेंट  करना दोस्तों ।

                                     लोग तो यहीं कहेंगे की दो दो बेटे हैं फिर भी बुढ़िया बेचारी अकेली ही रहती हैं !!!!!

   अगर सास हैं तो साथ मै रहेगी तो अच्छा लगेगा कि मेरे बेटे बाहर शहर में है तो क्या हुआ  मेरी बहू तो मेरे संग  हैं !!

   

      दोस्तों थोड़ी सी भी कोई लाइन अच्छी लगीं हो तो     कॉमेंट मैं।   लाइक ।   जरुर लिखना !!!!

 

             जब तक के लिए ।   !!!    जय हिंद !!!         !!!!   वन्दे मातरम्  !!!

        

Thursday, July 11, 2019

Singh is king Rawat About

हेलो दोस्तो मेरा नाम हैं दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहब मैंने अपना ब्लॉग अभी अभी स्टार्ट क्या हैं !!! किय्यूकी मै भी चाहता हूं कि  ऑनलाइन इयरननिग मै भी कमाना  स्टार्ट करू मेरे बारे मैं आपको कुछ इन्फॉम दे देता हूं ताकि आप सब मुझे पहेचान सके में एक छोटे से गांव से हूं भीम मै राजसमंद जिला हैं स्टेट मेरा राजस्थान हैं सबवे में जॉब करता हूं जोधपुर

आपको मेरे ब्लाॅग पर विलेज की रियल लाइफ स्टाइल के बारे जानकारी मिलेगी !!! और विलेज मै लोग किस तरह रह ते हैं !!!! और विलेज की रियल लाइफ की स्टोरी के बारे में  जानकारी मिलेगी .!!!!!


   तो फ्रेंड्स चलिए आज का ब्लॉग स्टार्ट करते हैं , 

      



          !!!!!!! जय हिंद    वन्दे मातरम् !!!!



गांव के लोग कैसे रहते है , क्या करते हैं , सोते कितने घंटे हैं , काम कितने घंटे करते हैं,

गांव   हो या शहर अगर गलत फहमी हों जाती हैं तो अच्छे अच्छे रिश्ते टूट जाते हैं ,पर  गलत फहमी हो रहीं हैं तो सबसे पूछो की ये बात हैं , नहीं पूछोगे ओर एक दिन गुस्से आकर पूछोगे की ये बात है तो आपके ही रिश्ते में दरार आ सकती हैं  !

फ्रेंड्स आपको मेरे ब्लॉग में जोधपुर के बारे मैं भी बहुत देखने को मिलेगा, क़ियुकि में  चार पांच साल से जोधपुर में ही जॉब कर रहा हूं , ओर आपको कोई भी जोधपुर के बारे जानकारी चाहिए तो मुझे कॉमेंट करना में आपकी शायद थोड़ी बहुत हेल्प कर सकू !!!

वैसे तो कभी कभार मेरे गांव के आजू बाजू वाले फ्रेंड्स आते  रहते ,।          ओर भी आपको ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप मेरा यूट्यूब चैनल को भी विजिट कर सकते है , मेरे यूट्यूब चैनल का लिंक https://youtu.be/4wohkUTOzAQ 

इस लिंक पर जैसे ही क्लिक करेंगे तो आपको जोधपुर का फेमस मार्केट घंटाघर देेखने को मिलेगा !

जहा पर आपको फैंसी आइटम , कपड़े, शूज़, बैग्स, ओर भी आपको घरेलू आइटम सारा मिल जाता हैं, ओर घंटाघर में आपको होलसेल रेट में भी फैंसी आइटम मिल जाता हैं, जैसे चूड़ियां, कंगन, बेल्ट, चश्मा, क्रीम, पाउडर, करीब करीब फैंसी आइटम होलसेल रेट में मिल जाता हैं जिसको आप अपने गांव या शहर में सेल कर सकते हैं !

ओर भी मेरे यूट्यूब चैनल पर आपको जोधपुर के पर्यटक स्थल , मेहरान गढ़, उमेद भवन पैलेस, मसूरिया, मंडोर गार्डन, नेहरू पार्क, के विडियोज भी देखने को मिल जाएंगे !

Good night Friends

Dosto abhi just phucha hu jodhpur to thkha huaa hu so good night and Sweet Dreams for you  Or aap SB log kaise hai com. Jarur krna  ...