हेल्लो दोस्तों मै मेरी मां से बात नहीं करता ? क्या बात करनी चाहिए मुझे ? क्या मै रोज घर पर कॉल करू ?
कहानी हैं हमारे बाबू लाल की जो एक नॉर्मल फैमिली से बीलोम करता हैं बचपन से ही पापा के गुजर जाने के बाद बाबू लाल एक शहर में 8000 , 10000 हजार की नौकरी करता है, बाबू लाल जब 14 साल का था तब ही बाबू लाल के पापा चल बसे थे , बाबू के पापा भी खेती ही करते थे , इसलिए घर की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं होने के कारण बाबू लाल ने 7 वीं तक ही पढ़ाई की, सातवीं की पढ़ाई जैसे ही पूरी हुई और पापा भी चल बसे थे , इसलिए बाबू लाल ने पढ़ाई छोड़ दी थी, अब बाबू लाल का सहारा सिर्फ एक छोटी बहिन और मां ही थीं, अब बाबू लाल शहर मै नौकरी करता है , और मां घर पर ही बाबू की छोटी बहिन के साथ घर पर ही रहती हैं, बाबू भी अब ठीक ठाक पैसे कमाता है , और घर का खर्चा वर्चा भी मा देख लेती हैं , कीयुकी मां भी गांव में खेती करती हैं तो थोड़े बहुत पैसे खेती से आ जाते हैं , ऐसा करते करते चार पांच साल बीत जाते हैं ,
बाबू लाल की शादी एक नोर्मल फैमिली मै शादी हो जाती हैं , बाबू लाल को पत्नी भी अच्छी मिल जाती हैं, पर उसके ससुराल वाले अच्छे नहीं मिलते, बाबू लाल की बाबू लाल के गांव में भी बहुत इजत होती हैं पर, ससू राल मै नहीं होोती थीं ! ये बात बाबू लाल को समज में नहीं आ रही थी , की मेंरे ससुराल वाले मेंरी ijt kiyu nhi krte !! इस बात को lekar बाबू लाल भी परे शान होने LGA ki Maine asee konsi glti kar di jo आज तीन month भी नहीं हुए और मेंरे ससुराल वाले मेंरी इज्जत नहीं krte ?
कियूकि बाबू लाल भी एक धम सीधा सादा आदमी था,पर ससुराल में इज्जत नहीं होती तो बाबू लाल को भी बुरा लगने लगा, कियुकी बाबू लाल ने ऐसी कोई गलती नहीं की थीं,, की बाबू लाल की इजत ना करें , पर बाबू लाल का भी एक वसूल था कि जिसने बाबू लाल की इजत की ,बाबू लाल भी उसकी इजत करेगा !
अगर बाबू लाल के साथ उल्टा क्या तो बाबू लाल भी उसके साथ उल्टा ही करेगा,,, मतलब """""" जैसे को तैसा""""
पर फिर एक दिन पता चलता है कि बाबू लाल अपने ससुराल वालों से फोन पर बात नहीं करता इसलिए , बाबू लाल की इजत नहीं कि जाती, बाबू लाल ये सोचकर सदमे में रह गया कि ये क्या इतनी सी बात पर मेरी इज्ज़त नहीं कि जाती???? क्या होगा अब इस दुनिया का ये सोचकर बाबू लाल का दिमाग ऐसा खराब होता है जैसे , वेज मांगा हो और नॉनवेज खिला दिया हो, अब बाबू ने ये सोचा कि मै मेरी मां से भी । मैं 10 दिन में एक बार बात करता हूं,, फिर उसके बाद मै बाबू लाल को जब भी टाइम मिलता तो अपने ससुराल वालों से अपनी मां से फोन पर बात करता ! बाबू लाल की जिस तरह अपने गांव मै इज्जत होती थी के उसी तरह ससुराल मै भी होने लगीं !!!
इस कहानी को लिखना का मकसद ये है टाइम निकालकर अपने ससुर, सास, सालिजी, सालाजी, साला जी की बहू से भी बात कर लेना नहीं तो आपकी भी बाबू लाल की तरह कहानी बन सकतीं है, कॉमेंट में जरूर लिखना की आपकी,,,, मां से आप कितने दिनों के बाद बात करते हों ?
तो फ्रेंड्स आज के ब्लॉग में इतना ही मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग जब तक के लिए
"""जय हिन्द वन्दे मातरम्"""
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