ढ़ाकन होती हैं या नहीं ? क्या सच में होती हैं ? अगर सच में होती हैं ? तो कैसी होती हैं इसी ब्लॉग में वो सारी बातें करेंगे जो आपके दिमाग में अब भी चल रहीं हैं !
क्या ढ़ाकन होती हैं ????
दोस्तों मैं आपको जो भी इस ब्लॉग मै बताऊंगा वो बिल्कुल ही सच बताऊंगा जो भी मैंने देखा है वो ही बताऊंगा ! और मै यहां पर किसी भी तरह का भूत भ्रेम या किसी ढ़ाकन या चूड़ेल के अंधविश्वास को बढावा नहीं देता और ना ही में इन सब को मानता हूं ! बस जो मैंने देखा हैं , वो ही बताऊंगा , चलो दोस्तों में आपको एक कहानी के जरिए सब कुछ समझाता हूं , एक गांव मै एक विकास नाम का लड़का रहता था उसकी नई नई शादी हुई होती हैं ,और करीबन तीन महीने ही हुए थै, विकास कि शादी सुधा जिंदगी अच्छे से चल रहीं होती हैं, पर एक दिन विकास के गांव में दोस्त की शादी होती हैं और दोस्त उसको इन्वाइट करता है !
ओर विकास दोस्त की शादी को अंटेंड करने जाता हैं, साथ में उसकी वाइफ को भी लेके जाता हैं , ओर वहां पर डांस करते हैं , साथ में विकास की वाइफ भी डांस करती है, ओर वहां पर डांस करते करते किसी की नजर लग जाती है !
नजर लग जाना मतलब ढ़ाकन ! अब वहां पर तो सब कुछ ठीक ठाक था पर जैसे ही विकास घर पर आता हैं तो कुछ ही देर के बाद में देखता है कि , विकास की बहू को भाव आने लग जाता हैं , अब विकास इसके बारे में कुछ जानता भी नहीं , ओर विकास अपनी मां को बुलाता है , ये बात होती है,, रात की एक बजे को अब विकास की मां आती हैं ओर देखती हैं की बहू को को तो भाव आ रहा हैं ?? अब विकास की मां जल्दी से भगवान को अगरबती करती हैं !
ओर विकास तो खड़े खड़े रोता हैं , कीयूकि विकास तो इन सब के बारे मै कुछ भी नहीं जानता था, तो विकास को तो कुछ समझ मै ही नहीं आ रहा था , की ये क्या हो रहा हैं, ओर विकास की बहू को तो किसी की नजर लग चुकी थी,अब विकास की बहू तो सिर्फ रो रहीं थीं!! बोलती भी नहीं ,, कि ये समस्या हैं, बस रो ही रहीं थीं , ओर अब विकास की मा ने अगरबती वगेरा लगाया और एक बार तो विकास की बहू का रोना बंद हो चुका था , ओर सो गई थीं !
फिर सुबह हुआ ओर वो का वो हाल हो गया अब , मां ने गांव मै से किसी माताजी को ( मतलब जिसको भाव आता हो) बुलाया और फिर माताजी को खेलाया गया तो माताजी ने बोला कि बकरा मारना पड़ेगा , तब जाके ढ़ाकन इसके शरीर से बाहर निकलेगी !
ओर फिर बाद में माताजी ने कहा कि, जिस भी माताजी की इसके हाथ मै डोरा बंदा हुआ हैं ,, इसको वहां पर लेके जाओ शायद इसकी माताजी रक्षा कर सकती हैं,, ओर फिर विकास की पत्नी को उसकी माताजी के लेके जाना पड़ता हैं , ओर फिर वहां पर माताजी आती हैं, ओर विकास की पत्नी एक धम सही हो जाती हैं , माताजी ने ही उसको ठीक कर दिया , अब ढ़ाकन का रोल खत्म हो जाता हैं ,मतलब नजर लगी थीं जो,
ढ़ाकन का रोल ठीक कर दिया माताजी ने कीयूकि विकास की पत्नी माताजी को बहुत मानती थीं , अब विकास को भी चैन आता हैं , ओर माताजी से यही प्रार्थना करता हैं माताजी मेरी बहू को इन ढ़ाकन से बचा के रखना , ओर इसी तरह विकास की बहू अब ठीक हो जाती हैं , ओर विकास के साथ घर वापस चली जाती हैं , अब अगर विकास की बहू को माताजी मै विश्वास नहीं होता ओर माताजी का कोई सहारा नहीं होता तो, विकास को बकरा मारना पड़ता , वो तो अच्छा था कि विकास की बहू को माताजी का सहारा था इसलिए सब कुछ ठीक हो गया !
"""""""""""""""बोलो जय माता जी की""""""""""""""

मैंने इस स्टोरी में जो भी बताया एक सच्ची कहानी के तौर पर बताया हैं , पर हमारा मकसद किसी का तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं हैं
दोस्तों क्या आपके साथ में भी ऐसा कभी हुआ है, अगर हुआ हैं तो कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखना ,
क्या दोस्तो आप इन सब बातों को मानते हैं , अगर हा तो कॉमेंट जरूर कीजिए
अगर आप गांव से हो तो शायद आपको इस तरह के कैस बहुत सारे शायद देखने को मिल जाएंगे , आप गांव से हो या शहर से कॉमेंट जरूर करना!
क्या आपको ये मेरी कहानी अच्छी लगी या नहीं अगर पसंद आयी हो तो कॉमेंट में लाइक जरूर लिखना !!
जब तक के लिए
""""""" जय हिन्द वन्दे मातरम्""""""""
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