एक मां अपनी बेटी से कितना प्यार करती है ? जानिए मेरे इस ब्लॉग में !
उम्मीद करूंगा मेरा ब्लॉग आपको पसंद आएगा , फ्रेंड्स आज कि इस दुनिया में कोई किसी का नहीं होता हैं , ओर अगर एक मां कि बात करें तो कि अपनी बेटी से कितना प्यार करती है ? बड़ा अजीब सवाल लगता हैं कि ये कैसा सवाल पूछ रहे हो भाई !
पर आज में आपको जो भी इस ब्लॉग में बताऊंगा वो बिल्कुल ही सच बताऊंगा ओर एक गांव कि रियल स्टोरी पर आधारित हैं , ओर इससे पहले भी में एक ब्लॉग बना चुका हूं अगर आपने नहीं देखा है तो इससे पहले वाला ब्लॉग भी पढ़ें ताकि आपको यहां पर रियल स्टोरी के बारे में अच्छे से समझ में आ सके !
हैलो दोस्तो कैसे है आप सब लोग में हूं आपका दोस्त दिलीप सिंह उर्फ सिंह साहेब उम्मीद करता हूं फ्रेंड्स आप सब लोग अच्छे होंगे !
दोस्तो कहानी चल रही हैं निर्मला कि जो एक नॉर्मल फैमिली से होती हैं ओर शादी हो जाती हैं और निर्मला उसकी सास से परेशान नहीं होती बल्कि अपनी मां से ही परेशान हो जाती हैं इसी के बारे में कहानी चल रही है !
एक दिन निर्मला कि मां अपने ही गांव में किसी कि डैथ हो जाती हैं , ओर वहां पर चली जाती हैं ओर निर्मला घर पर रहती है वैसे तो निर्मला अपना काम खुद ही करती हैं ओर अपना घर का काम काज भी करती रहती हैं , पर उस दिन निर्मला का कुछ काम छूट गया था और घर पर रह गई थी और वो काम उसकी भाभीजी ने कर दिया !
अब निर्मला कि मां आयी ओर बोली ये काम नहीं क्या वो काम नहीं क्या तो फिर कर क्या रही थी तू """"
ओर उसका जवाब निर्मला पास नहीं था क़ियूकि उस दिन निर्मला अपना खुद का ही कुछ पर्सनल काम करने में बिजी हो गई थीं और मा का काम भूल गई पर वो काम तो निर्मला कि भाभीजी ने कर दिया पर फिर भी निर्मला को दो बात सुनानी थीं तो उसकी मां ने इधर उधर कि बात करके निर्मला को सुना ही दी थी """""
अब निर्मला जो काम नहीं कर सकती वो भी काम करवाने लगीं उसकी मां तो निर्मला ने साफ कह दिया कि इस चीज से मुझे परेशानी होती हैं और ये काम में नहीं कर सकतीं !
काम क्या था ???
गांव में क्या होता हैं कि जब भी किसी डैथ होती हैं ओर उसके घर पर जाकर आते है या फिर शमशान में जाकर आते है तो वापस आकर स्नान करना होता है ये शहरों में भी होता ही है पर गावों में बहुत ज्यादा होता अगर उसके घर पर भी चले जाते है तो नहाकर आते है !
ओर इसी कारण से निर्मला कि मा ने बोला मेरे कपड़े धो लें ,, निर्मला को बोला"""" पर निर्मला ने मना कर दिया कि में ये कपड़े नहीं धो सकती कियू कि ये कपड़े डैथ वालो के घर पर जाकर आए हो इसलिए में नहीं धो सकतीं !
नहीं धोने क्या कारण था ?
निर्मला बचपन से बहुत ज्यादा कमजोर ओर थकी हुई थी और उसको जीवनदान मिला हुआ था !
किसी देवता ने उसको मरते मरते बचाया था ओर कुछ वचन दे रखे थे जैसे दाग पर जाकर आए हुए के कपड़े नहीं धोने मरे हुए आदमी के घर का खाना नहीं खाना ओर बहुत कुछ देवताओं के वचन थे ओर देवता कि वजह से ही निर्मला आज जिंदा हैं !
ओर निर्मला नहीं चाहतीं थीं कि उसको किसी दिखत का Samna krna पड़े ओर इसी वजह से उसने अपनी मां को कपड़े धोने से इंकार कर दिया पर ये सब कुछ Nirmal ki maa कहां मानने वाली थी हालाकि मेरे हिसाब से देखा जाए तो निर्मला कि मां को सब कुछ पता होगा कि निर्मला किस तरह बीमार हो सकतीं हैं"""" ओर किस तरह नहीं""" ओर किस तरह का काम कर सकती हैं,,,,, ओर किस तरह का नहीं """" कियू कि वो तो maa हैं ! ओर मां तो सबका खयाल रखती हैं कियू एक मां ही तो होती जो सबका खयाल रखती हैं पर मां भी इस तरह से किसी को बेेेटी
"""""""""सताएगी तो कहानी तो बनेंगी ही """""""
अब बात करते ओर क्या क्या कहा कपड़े नहीं धोएं तो ???
अब निर्मला ने तो साफ मना कर दिया तो मां ने ओर भी बाते सुना दी कि """ तू तेरे ससुराल चली जा """" वापस कभी मत आना """" ओर उधर ही मर जाना """ क्या करू साहेब कहानी लिखता हूं जो देखा हैं जो सुना है जो किसी ने सुनाया हैं किसी ने बताया हैं वो ही लिखता हूं !!! क्या करू साहेब कहानी लिखता हूं "" कियू कि आपको ये लगता हैं कि एक मां के बारे में इतना गन्दा लिखते हो शर्म नहीं आती हैं ??? पर क्या करू साहेब जो रियल होता है वो ही लिखता हूं """ ओर अगर आप कह तो दो लाइन ओर लिख देता हूं ,, """ये भी कहा था कि मेरी दो बेटियां हैं वो ही बहुत हैं """"" तेरी जरूरत नहीं हैं """ क्या करू साहेब मजबूर हूं कियू कि में कहानी लिखता हूं जो सच होता हैं वो बताता हूं पर कोई बात नहीं निर्मला ससुराल भी चली जाएंगी !!!
ओर एक दिन आपको ही याद आएगी मां !!!
सॉरी फ्रेंड्स मां के उपर कुछ ज्यादा ही लिख दिया हैं पर क्या करू साहेब कहानी लिखता हूं जो सच होता हैं वो ही लिखता हूं
दोस्तों उम्मीद करता हूं मेरा ब्लॉग आपको पसंद आया होगा ओर किसी को भी बुरा लगा हो तो माफी चाहता हूं इस स्टोरी पर कियू कि एक मां के लिए इतना गन्दा कोई नहीं लिखता पर जो रियल था वो ही आपके सामने प्रस्तुत किया है !
तो फ्रेंड्स आज के ब्लॉग में इतना ही मिलते हैं जल्द ही किसी नेक्स्ट ब्लॉग में जब तक के लिए """"""
"""""जय हिन्द वन्दे मातरम्"""""
No comments:
Post a Comment